नई दिल्ली, 20 मई ।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक ऐसे दोषी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 24 वर्षों से फरार चल रहा था। आरोपित वर्ष 2002 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन तय समय पर वापस नहीं लौटा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नया नाम अपनाकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोषी की पहचान राकेश पटेल उर्फ पप्पी के रूप में हुई है, जो दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके का निवासी है। हत्या के मामले में दोषसिद्ध होने के बाद वह उम्रकैद की सजा भुगत रहा था। फरार होने के बाद उसने अपना नाम बदलकर नंदलाल वर्मा रख लिया और प्रयागराज में ऑटो स्पेयर पार्ट्स के कारोबार से जुड़ गया।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आकर फरार चल रहे अपराधियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान एनआर-वन यूनिट ने पैरोल जंपरों के रिकॉर्ड की समीक्षा की, जिसमें राकेश पटेल का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि उसने अपने दो साथियों चंदर प्रकाश और अनिल कुमार के साथ मिलकर वर्ष 1990 में जहांगीरपुरी इलाके में पड़ोसी की चाकू मारकर हत्या की थी। मामूली विवाद के बाद हुई इस वारदात में अदालत ने वर्ष 1995 में तीनों आरोपितों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि राकेश पटेल को वर्ष 1999 में विवाह के लिए पहली बार पैरोल मिली थी और वह तय समय पर वापस जेल लौट गया था। बाद में वर्ष 2002 में दूसरे बच्चे के जन्म के दौरान उसे दोबारा पैरोल दी गई, लेकिन इस बार उसने वापस लौटने के बजाय फरार रहने का रास्ता चुन लिया।
पुलिस ने उसकी तलाश में पुराने पते, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में दबिश दी गई, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और पुलिस की पकड़ से दूर बना रहा।
आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि वह प्रयागराज में परिवार के साथ रह रहा है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंची और गुप्त सूचना के आधार पर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने खुद को नंदलाल वर्मा बताकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया, लेकिन लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसने अपनी वास्तविक पहचान स्वीकार कर ली।
पूछताछ में यह भी पता चला कि फरारी के दौरान वह कई शहरों में रहा और पहचान छिपाने के लिए नया नाम अपनाया। वर्ष 2022 से वह प्रयागराज में ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चला रहा था। पुलिस ने उसे आवश्यक कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन के हवाले कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पैरोल पर फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।









