शिमला, 06 जून ।
शिमला में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की शिकायत के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जहां कुछ लोगों द्वारा दो व्यक्तियों के साथ मारपीट कर उनका जुलूस निकाले जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, जिन दो लोगों को भीड़ ने निशाना बनाया, उनके नाम न तो मूल शिकायत में शामिल हैं और न ही पीड़िता के बयान में उनका कोई उल्लेख पाया गया है।
मामला महिला थाना शिमला में दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें नाबालिग के पिता ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने लड़की को दुकान में बुलाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और वीडियो दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा पीड़िता का बयान भी दर्ज किया जा चुका है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोगों ने अपुष्ट जानकारी के आधार पर दो अन्य व्यक्तियों को भी इस मामले से जोड़ दिया, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला गया।
पुलिस का कहना है कि जिन व्यक्तियों के साथ यह घटना हुई, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है, लेकिन बिना पुष्टि किसी को दोषी ठहराना कानून के खिलाफ है।
एसएसपी शिमला ने स्पष्ट किया है कि भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेना, मारपीट करना या किसी को सजा देने का प्रयास करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।









