चेन्नई, 06 जून ।
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को शनिवार को बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष करु नागराजन और प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे राज्य इकाई में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई।
दोनों नेताओं के इस्तीफे ऐसे समय सामने आए हैं, जब हाल ही में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई के पार्टी से अलग होने के बाद संगठन के भीतर पहले से ही अस्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे थे।
प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश ने सोशल मीडिया मंच पर अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भारी मन से प्रदेश सचिव पद से इस्तीफा देने और पार्टी से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने गहन विचार-विमर्श के बाद लिया है और उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग देने वाले राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार भी जताया।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा के राष्ट्रवाद, देशभक्ति तथा राष्ट्रसेवा के मूल्यों से उन्हें सदैव प्रेरणा मिलती रही है और ये सिद्धांत आगे भी उनके जीवन का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष करु नागराजन के इस्तीफे को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण सामने नहीं आए हैं, लेकिन उनके फैसले ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने यह बयान दिया था कि पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई के इस्तीफे से पार्टी पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और भाजपा अपनी संगठनात्मक मजबूती के दम पर आगे बढ़ती रहेगी।
हालांकि लगातार सामने आ रहे इस्तीफों के चलते तमिलनाडु भाजपा की आंतरिक स्थिति और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इन इस्तीफों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राज्य इकाई में आगे संभावित संगठनात्मक बदलावों को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









