नई दिल्ली, 05 नवंबर।
केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में व्यापक बदलाव करते हुए इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में स्थायी भर्ती का अवसर देने वाले नए ढांचे को मंजूरी दी है। रक्षा बलों के मूल्यांकन में अग्निवीरों की कार्यक्षमता, शारीरिक दक्षता और तकनीकी अनुकूलन क्षमता को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि सशस्त्र बलों ने अग्निवीरों के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन किया है। यह फैसला पहले बैच के 18,300 अग्निवीरों का चार साल का शुरुआती कार्यकाल अगले महीने पूरा होने से पहले लिया गया है।
योजना के तहत पहले की तरह 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर चार साल की सेवा पूरी होने के तुरंत बाद नियमित स्थायी नियुक्ति दी जाएगी। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा और सशस्त्र बलों की अनुशंसा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
इस तरह छह साल की कुल सेवा पूरी करने के बाद शेष इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानकों पर खरा उतरने की शर्त के साथ नियमित सैनिक के रूप में स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि में अग्निवीरों को पहले से अधिक मासिक वेतन, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता का संचयी लाभ मिलेगा। इस बदलाव से अग्निपथ योजना में 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अनिवार्य रूप से सेवा से बाहर करने का प्रावधान समाप्त हो जाएगा।
सरकार के इस फैसले से उन अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का सीधा अवसर मिलेगा, जो लंबे समय तक रक्षा बलों में काम करना चाहते हैं और निर्धारित पात्रता एवं चयन मानदंडों को पूरा करते हैं।












