पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बुधवार को पंजाब के पर्यावरण और कृषि विभाग के सचिवों सहित 12 जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इसमें पराली जलाने की रोकथाम के लिए अब तक किए गए उपायों की समीक्षा कर निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, जालंधर, बठिंडा, पटियाला, बरनाला, लुधियाना, मालेरकोटला, मोगा, संगरूर और मानसा के अधिकारी शामिल हुए।
नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
आयोग ने पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा। निगरानी में कमी या खेतों में आग की घटनाओं को रोकने में विफल रहने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में खेतों में पुलिसकर्मियों और नोडल अधिकारियों की मौजूदगी तथा उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की गई। आयोग ने पराली जलाने की रोकथाम में उनकी प्रभावशीलता पर जोर दिया। स्थानीय समुदाय के नेताओं को विश्वास बढ़ाने के उपायों के जरिए अभियान से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
पराली के संग्रहण और उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर
आयोग ने जिला और राज्य प्रशासन से पराली का अधिक से अधिक संग्रहण करने और उसके अन्य उपयोग को बढ़ावा देने को कहा। राज्य को थर्मल पावर प्लांटों में कम से कम पांच प्रतिशत बायोमास पेलेट के इस्तेमाल का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। इससे धान की पराली का उपयोग बढ़ने और खेतों में उसे जलाने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले बिजली संयंत्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दिन की वृद्धि दोबारा नहीं होनी चाहिए
बैठक में आयोग ने कहा कि पंजाब में पिछले दिन पराली जलाने की घटनाओं में अचानक हुई वृद्धि एक बार की घटना होनी चाहिए और इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए।
आयोग ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर योजना और पराली प्रबंधन के कारण वहां जिलों में खेतों में आग लगने की घटनाएं काफी कम हैं। पंजाब प्रशासन को हरियाणा के अनुभवों से सीख लेने की सलाह दी गई।
आयोग ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।












