काठमांडू, 19 अप्रैल
नेपाल में स्थित अन्नपूर्णा हिमाल पर इस वर्ष के वसंतकालीन पर्वतारोहण अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। 8,091 मीटर ऊंचाई वाला यह पर्वत म्याग्दी जिले के अन्नपूर्णा क्षेत्र में स्थित है और इसे दुनिया के दसवें सबसे ऊंचे शिखर के रूप में जाना जाता है। रविवार सुबह सूर्योदय के साथ ही एक दल ने सफलतापूर्वक शिखर तक पहुंचकर इस सीजन की पहली चढ़ाई पूरी की।
सेवेन समिट ट्रैक के लाक्पा शेरपा के नेतृत्व में सात नेपाली और पांच विदेशी पर्वतारोहियों का दल इस अभियान में शामिल था। विदेशी दल में कनाडा के चार्ल्स पेज, रूस के वलेरी बाबानोव, व्लादिमिर अफानासेव, यूरी कुग्लोव तथा अजरबैजान के इस्फारली असुरली शामिल रहे। वहीं नेपाली टीम में लाक्पा के साथ छेवाङ, दावा नर्बु, पासाङ दुंगपा, छाङुबा, तारामान और पासाङ शेर्पा ने भाग लिया।
इसी क्रम में रविवार सुबह करीब 7:30 बजे नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के दो पर्वतारोहियों ने भी एक शेरपा गाइड के साथ शिखर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। मौरिस हर्जोग ट्रैक मार्ग के अभियंता तेजबहादुर गुरुङ के अनुसार, इस सीजन की पहली टीम ने सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी कर ली है। इसके साथ ही बेस कैंप तक पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
इस वर्ष अन्नपूर्णा पर चढ़ाई के लिए नेपाल के पर्यटन विभाग से चार समूहों के कुल 27 पर्वतारोहियों को अनुमति दी गई है, जिससे 1 करोड़ 20 लाख 49 हजार 175 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष वसंतकालीन अभियान के दौरान 66 पर्वतारोहियों को अनुमति प्रदान की गई थी।
इतिहास की बात करें तो वर्ष 1950 में फ्रांस के मौरिस हर्जोग ने पहली बार अन्नपूर्णा पर सफल चढ़ाई की थी। इसके तीन साल बाद 1953 में एडमंड हिलारी और तेन्जिंग नोर्गे शेरपा ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी सगरमाथा पर ऐतिहासिक आरोहण किया था। अन्नपूर्णा पर शुरू हुआ यह नया सत्र पर्वतारोहियों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










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