भोपाल, 18 अप्रैल।
राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और आपातकालीन स्थिति में प्रतिक्रिया समय की जांच के लिए देर रात सिविल अस्पताल बैरागढ़ में अचानक मॉकड्रिल आयोजित की गई। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय तरीके से की गई, जिसमें अस्पताल अधीक्षक सहित किसी भी स्टाफ को पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की टीम ने अस्पताल को सूचना दी कि एक गंभीर हाईरिस्क गर्भवती महिला को तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता के साथ लाया जा रहा है। इसी आधार पर आपातकालीन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण दल के निर्देश पर ड्यूटी डॉक्टर को तुरंत ऑन कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाने के लिए कहा गया। साथ ही ड्यूटी स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए कि इस कार्रवाई की जानकारी किसी अन्य अस्पताल कर्मचारी या अधीक्षक को नहीं दी जाए।
स्थिति के अनुसार ड्यूटी डॉक्टर ने तत्काल स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और निश्चेतना विशेषज्ञ को अस्पताल बुलाया। ऑपरेशन थिएटर को सक्रिय किया गया और रक्त उपलब्धता की भी जांच की गई। लगभग 30 से 40 मिनट के भीतर सभी विशेषज्ञ चिकित्सक और ओटी स्टाफ अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन की पूरी तैयारी में जुट गए।
सी-सेक्शन की तैयारियां पूर्ण होने के बाद सीएमएचओ टीम द्वारा मॉकड्रिल की वास्तविक स्थिति का खुलासा किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की मॉकड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर मरीजों को कम से कम समय में उपचार मिल सके और जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। साथ ही ड्यूटी रोस्टर के सख्त पालन, रिस्पॉन्स टाइम कम करने और ऑन कॉल डॉक्टरों के वैकल्पिक संपर्क नंबर तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।









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