नई दिल्ली, 28 मार्च।
केंद्र ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई फ़ोन वार्ता में अरबपति एलन मस्क शामिल नहीं थे। सरकार ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें मस्क की बातचीत में भागीदारी का दावा किया गया था।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 24 मार्च को हुई बातचीत केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी। MEA के प्रवक्ता ने बताया कि यह कॉल क्षेत्र में बदलते हालात पर फोकस करने के लिए थी और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं थी।
यह स्पष्टिकरण द न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें बिना नाम लिए अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया था कि मस्क वेस्ट एशिया संघर्ष के संवेदनशील समय में हाई-लेवल कॉल का हिस्सा थे।
MEA प्रवक्ता ने आगे कहा कि मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत से वेस्ट एशिया के हालात पर विचार-विमर्श का अवसर मिला और यह सिर्फ दोनों नेताओं तक सीमित था। उन्होंने जोर दिया कि कॉल का मकसद इलाके में बदलती परिस्थितियों को समझना और रणनीति तय करना था।












