तेहरान, 04 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने इजराइल के सैन्य और औद्योगिक केंद्रों पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं। ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत किए गए इन हमलों में तेल अवीव समेत इजराइल के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी के अनुसार इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और भी बढ़ गया।
तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि शनिवार को 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 94वीं लहर में तेल अवीव के साथ-साथ इजराइल के दक्षिणी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में स्थित विभिन्न सैन्य और औद्योगिक केंद्रों, कमांडरों और इकाइयों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ठोस और तरल ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइलें खुर्रमशहर, खैबर-शिकन और इमाद का इस्तेमाल कर रही थीं, जिनमें गाइडेड वॉरहेड, कई प्रोजेक्टाइल और विनाशकारी ड्रोन लगे थे।
आईआरजीसी ने दावा किया कि डिमोना, नेगेव, बीर शेवा और रामत गान में स्थित ठिकानों को 'डीप फायर-टू-फायर' रणनीति के तहत लगातार निशाना बनाया गया। बयान में कहा गया कि इजराइल की उन्नत रक्षा प्रणालियां ईरानी मिसाइलों को रोकने में असफल रहीं।
साथ ही, यमन के विद्रोही गुटों ने भी बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए इजराइल के कब्ज़े वाले दक्षिणी क्षेत्रों को निशाना बनाया। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि इराक के खिलाफ 19 मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्रीय सैन्य टकराव और बढ़ते खतरों के बीच इजराइल और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है।










