नई दिल्ली, 20 अप्रैल।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में सोमवार को डाक विभाग की वित्तीय वर्ष 2025–26 की वार्षिक व्यावसायिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर के 23 सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर विभाग के वार्षिक प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजना तय की गई।
बैठक की शुरुआत में मंत्री ने डाक विभाग के छह प्रमुख क्षेत्रों—पार्सल, मेल, अंतरराष्ट्रीय मेल, पोस्ट ऑफिस बचत बैंक, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और नागरिक-केंद्रित सेवाओं—की गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024–25 के 13,218 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 2025–26 में 15,296 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ है, जो 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह पहली बार है जब विभाग ने लगातार 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि डाक विभाग अब पारंपरिक लागत केंद्र से बदलकर राजस्व आधारित एकीकृत सेवा नेटवर्क के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।
पार्सल सेवाओं में 69 प्रतिशत की वृद्धि के साथ राजस्व 669 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,133 करोड़ रुपये पहुंच गया। मेल सेवाओं में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए राजस्व 2,396 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,202 करोड़ रुपये हुआ। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में भी 70 प्रतिशत की वृद्धि के साथ राजस्व 508 करोड़ रुपये से बढ़कर 864 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
पोस्ट ऑफिस बचत बैंक में 6,888 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,756 करोड़ रुपये तथा पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस में 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,458 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मेल क्षेत्र में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण कुछ अस्थायी चुनौतियां सामने आईं।
बैठक में 24 स्पीड पोस्ट, 24 पार्सल स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट जैसी नई प्रीमियम सेवाओं को लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया गया।
सर्किलवार प्रदर्शन में 23 में से 8 सर्किलों ने 90 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया, जबकि 14 सर्किल 80 से 90 प्रतिशत के बीच रहे। राजस्थान ने 102 प्रतिशत के साथ पहला स्थान, असम ने 95 प्रतिशत के साथ दूसरा तथा बिहार और छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से 94 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्किलों को सम्मानित भी किया गया।








