वाशिंगटन, 24 अप्रैल।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के मुद्दे पर संघ पूरी तरह भारत सरकार की नीति और दृष्टिकोण के साथ खड़ा है और इस विषय पर उसकी कोई अलग राय नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि संगठन को उनके नेतृत्व पर गर्व है और वे भी संघ से अपने जुड़ाव को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. स्थित हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार वॉल्टर रसेल मीड के साथ बातचीत के दौरान होसबाले ने भारतीय जनता पार्टी, सरकार और संघ से जुड़े विभिन्न सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थापना काल से ही उसके कई नेता और कार्यकर्ता संघ से जुड़े रहे हैं और आज संघ विचारधारा से प्रेरित अनेक संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी सम्मान दिलाने में योगदान दें। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संघ को लेकर केवल विदेशों में ही नहीं, बल्कि भारत में भी कई प्रकार की भ्रांतियां मौजूद हैं।
होसबाले ने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज तक पहुंच बढ़ा रहा है, जो केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक उपयोगी विचार है। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखता है और इसी सोच के आधार पर संघ समाज और मानवता के कल्याण के लिए कार्य कर रहा है।
संघ की 100 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर विकास के बावजूद संगठन में अहंकार नहीं, बल्कि सेवा भाव और विनम्रता का भाव और मजबूत हुआ है। उन्होंने संघ की शाखा पद्धति को उसकी ताकत बताते हुए कहा कि इसी व्यवस्था के माध्यम से स्वयंसेवक समाज सेवा की भावना से जुड़ते हैं।
स्वयंसेवक और वालंटियर के अंतर को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जहां सामान्य वालंटियर सीमित समय के लिए कार्य करता है, वहीं संघ का स्वयंसेवक एक जीवन शैली के रूप में निस्वार्थ सेवा को अपनाता है। इसी विचारधारा के कारण संगठन में समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है।
भारत को लेकर पश्चिमी देशों में बनी धारणाओं पर टिप्पणी करते हुए होसबाले ने कहा कि कई लोग अभी भी भारत को पुरानी छवि में देखते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि देश आज आधुनिक विकास के साथ विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत और विश्व से जुड़े भ्रमों को दूर करने के लिए संवाद और आपसी संपर्क आवश्यक है, जिससे समझ बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर सद्भाव का वातावरण बनेगा।



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