भोपाल, 23 अप्रैल
मध्य प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक प्रदेश में 2945 स्थानों पर निरीक्षण किया गया है, जिसमें 4642 गैस सिलेण्डर जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही 13 मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 773 रिटेल आउटलेट यानी पेट्रोल पंपों की भी जांच कराई गई है, जिनमें दो मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों को नियमित रूप से जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की कि जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां के लोग पीएनजी कनेक्शन लें, जिससे गैस सिलेण्डर पर निर्भरता कम होगी और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पीएनजी पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह का भ्रम नहीं रखना चाहिए।
प्रदेश और देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार होने के कारण सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर संस्थानों और प्रतिष्ठानों को सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छोटे व्यवसायियों और स्ट्रीट वेंडरों को भी आवश्यकतानुसार कमर्शियल सिलेण्डर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। मांग को पूरा करने के लिए प्लांट अतिरिक्त समय तक संचालित किए जा रहे हैं और जिलों में उपलब्धता की लगातार समीक्षा की जा रही है।
प्रवासियों और छात्रों के लिए पांच किलो के सिलेण्डर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही आमजन को इंडक्शन, सोलर कुकर, बायोगैस और अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
वैकल्पिक ऊर्जा के तहत 44 कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को शुरू करने और 44 जिलों में संचालित 136 बायोगैस प्लांटों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऊर्जा के अन्य स्रोतों को बढ़ावा मिल सके।
रसोई गैस की स्थिति को लेकर बताया गया कि बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू और व्यावसायिक गैस का पर्याप्त भंडार है। उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार सिलेण्डर मिल रहे हैं और आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
पीएनजी गैस को लेकर भी लगातार समीक्षा की जा रही है। जिन घरों में पाइपलाइन होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लिया गया है, उन्हें आगामी तीन माह में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां पहले से पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं और नई पाइपलाइन का कार्य भी समानांतर रूप से जारी रखा जाए। संबंधित संस्थाओं द्वारा आवश्यक संसाधन जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और आने वाले महीनों में नए कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।









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