नई दिल्ली, 23 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, केंद्र सरकार ने ईंधन की कमी को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बुधवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी कि 41 बायोगैस सिलेंडर भरने और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी दे दी गई है, जिनमें से 14 प्लांट्स को लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) स्टेशनों के लिए 467 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया। इनमें से 157 मामलों को अंतिम लाइसेंस मिला, जबकि 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व मंजूरी दी गई।
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा कदम भी उठाए हैं। एसकेओ (सुपीरियर केरोसीन ऑयल) के अस्थायी भंडारण में 2,500 लीटर तक की छूट दी गई है और एक बार के लिए 5,000 लीटर तक की छूट दी गई है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आपूर्ति जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, एलएनजी (लिक्विड नेचुरल गैस) को क्रायोजेनिक सिलेंडरों में भरने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि ईंधन आपूर्ति में लचीलापन आए।
इसके अलावा, पीईएसओ ने 20 मार्च को निर्देश जारी किए थे कि सीएनजी स्टेशनों और डिकंप्रेशन यूनिट्स से जुड़े आवेदनों को 10 दिनों के भीतर निपटाया जाए, जिससे इन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।



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