नई दिल्ली, 22 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने इस्पात क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए 27 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक खुला मंच आयोजित करने का निर्णय लिया है। वैश्विक तनाव के चलते इस्पात उद्योग के समक्ष उत्पन्न हो रही चुनौतियों को देखते हुए इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस्पात मंत्रालय के अनुसार यह बैठक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि लॉजिस्टिक कारणों के चलते वॉक-इन भागीदारी की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा व्यापक और सुव्यवस्थित सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संगठन से केवल एक प्रतिनिधि को ही भाग लेने की अनुमति होगी।
मंत्रालय ने यह भी परामर्श दिया है कि इस्पात आयात से संबंधित एस.आई.एम.एस., सरल एस.आई.एम.एस. अथवा क्यू.सी.ओ. छूट से जुड़ी समस्याओं का सामना करने वाली कंपनियां या एसोसिएशन शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक अपना अनुरोध निर्धारित ई-मेल पर भेज दें, ताकि उन्हें निर्धारित समय स्लॉट उपलब्ध कराया जा सके।





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