भोपाल, 22 अप्रैल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच तक पहुंचने वाली अनुष्का शर्मा आज उन बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो बड़े सपनों को साकार करने का हौसला रखती हैं। दृढ़ निश्चय, सतत मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरव का विषय होता है। ग्वालियर की गलियों से दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान तक की उनकी यात्रा संघर्ष और सफलता की मिसाल है।
उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण तब सामने आया, जब दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में उनके चयन की घोषणा हुई। इसी दौरान ग्वालियर आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एयरपोर्ट पर अनुष्का और उनके पिता बृजमोहन शर्मा का आत्मीय स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अनुष्का को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रदेश और देश का नाम रोशन करें तथा अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनें। यह विश्वास तब और मजबूत हुआ जब अनुष्का ने अंतरराष्ट्रीय मैदान पर कदम रखा।
नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के बीच अनुष्का ने अपनी उपलब्धि से प्रदेश को गौरवान्वित किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस अवसर पर भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने उन्हें टीम की नीली कैप पहनाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कराया। यह भावुक क्षण न केवल अनुष्का के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गया।
अनुष्का की प्रतिभा को निखारने में शिवपुरी स्थित मध्य प्रदेश सरकार की महिला क्रिकेट अकादमी की अहम भूमिका रही है। यहां के अनुशासित प्रशिक्षण और सुविधाओं ने उन्हें घरेलू क्रिकेट से लेकर महिला प्रीमियर लीग तक अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया। इसी अकादमी से इस वर्ष तीन खिलाड़ी महिला प्रीमियर लीग में चयनित हुई हैं, जिनमें अनुष्का भी शामिल हैं।
उनका सफर आसान नहीं रहा। कोरोना काल के दौरान जब खेल गतिविधियां ठप थीं, तब उनके पिता ने घर की छत को ही अभ्यास का मैदान बना दिया। ग्वालियर के माधवनगर स्थित घर की छत पर नेट और जिम की व्यवस्था कर उन्होंने बेटी के सपनों को नई दिशा दी। कठिन परिस्थितियों में शुरू हुआ यह अभ्यास आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है।
अनुष्का ने अपने भाई को खेलते देख क्रिकेट में रुचि विकसित की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का लक्ष्य तय किया। वर्ष 2022 में खेल के दौरान बेहोश होने और डेंगू जैसी बीमारी से उबरने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
महिला प्रीमियर लीग 2026 में गुजरात जायंट्स के लिए 45 लाख रुपये में सबसे महंगी अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में चयनित होना और मध्य प्रदेश को सीनियर वनडे ट्रॉफी में चैंपियन बनाना उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियां हैं। उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया है।
अनुष्का का यह सफर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके पिता के विश्वास, अकादमी के मार्गदर्शन और उनके आत्मअनुशासन का परिणाम है। आज ग्वालियर और पूरा मध्य प्रदेश अपनी इस उभरती क्रिकेट प्रतिभा पर गर्व महसूस कर रहा है।
उनकी प्रमुख उपलब्धियों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 मैच में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण, महिला प्रीमियर लीग में प्रभावशाली प्रदर्शन, एमपीएल 2025 में सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त करना तथा मध्य प्रदेश की अंडर-19 और सीनियर टीम में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाना शामिल है।









