मुंबई, 22 अप्रैल
मुंबई के परेल स्थित हाफकिन बायो इंस्टीट्यूट के निजीकरण को लेकर मंगलवार को विरोध का माहौल देखने को मिला। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने संस्थान के बाहर एकत्र होकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठा रही है। उनका कहना था कि इन संस्थानों को आर्थिक सहयोग देकर मजबूत करने के बजाय निजी कंपनियों को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जो जनहित के खिलाफ है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेना के अध्यक्ष मनोज चव्हाण ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाफकिन संस्थान राज्य की एक ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान को दुनिया की पहली वैक्सीन बनाने का गौरव प्राप्त है और अब इसे एक निजी समूह को सौंपने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऐसा हुआ तो इस महत्वपूर्ण संस्थान पर निजी कंपनी का नियंत्रण हो जाएगा, जिससे इसकी मूल पहचान और उद्देश्य प्रभावित हो सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग भी की।




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