भोपाल, 21 अप्रैल
मध्य प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क एशिया स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधि यहां की कार्यप्रणाली को समझने के लिए पहुंच रहे हैं और अपने-अपने देशों में ऐसे संस्थान विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
मंगलवार को भोपाल में स्थित इस स्किल पार्क का दौरा करने पहुंचे फिलीपींस के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मंत्री टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे सीधे रोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने जानकारी दी कि यह संस्थान देश का पहला पूर्ण रूप से संचालित बहु-कौशल प्रशिक्षण केंद्र है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
इस दौरान मध्य प्रदेश के कौशल विकास मॉडल की प्रभावी झलक देखने को मिली, जब फिलीपींस की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के 24 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधियों ने यहां की प्रशिक्षण व्यवस्था, कार्यप्रणाली और उद्योग आधारित दृष्टिकोण को गहराई से समझा, जिससे प्रदेश के कौशल तंत्र की वैश्विक स्वीकार्यता और विश्वसनीयता का संकेत मिला।
मंत्री टेटवाल ने बताया कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा देश और विदेश में रोजगार हासिल कर रहे हैं, जो इस मॉडल की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में 1200 क्षमता वाला छात्रावास उपलब्ध है और बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इसी क्षमता का एक और छात्रावास तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल और संस्थान के अधिकारियों के बीच परिचय सत्र आयोजित हुआ। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों और संरचना की जानकारी दी। प्रतिनिधियों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। उन्होंने मुख्य परिसर और सिटी परिसर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम, मीडिया कक्ष, पुस्तकालय और जीवन कौशल क्लब का भ्रमण किया तथा विद्यार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की सराहना की।
इस अवसर पर करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया और लीडरशिप मास्टर क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं प्रोत्साहन वाउचर देकर सम्मानित किया गया। अंकित प्रजापति को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी परिसर में प्रिसिजन इंजीनियरिंग से संबंधित प्रयोगशालाओं का भी अवलोकन किया। हब और स्पोक मॉडल के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें स्थानीय उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रणाली की जानकारी साझा की गई।
संवाद सत्र के दौरान प्रशिक्षण प्रक्रिया, पाठ्यक्रम ढांचा, उद्योग सहभागिता और प्लेसमेंट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. गिरीश शर्मा ने आगामी वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी, वहीं प्रतिनिधिमंडल ने अपने क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ। इस मौके पर उन्नत नेटवर्किंग एवं प्रणाली प्रशासन पाठ्यक्रम के तहत सिस्को नेटवर्किंग अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दोपहर भोज के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागृह में प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम के समापन पर प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों ने संस्थान की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा और विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के निदेशक गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, स्टीफन आई. सीज़र, एशियन विकास बैंक की शिक्षा क्षेत्र की प्रधान परियोजना अधिकारी पूनम शर्मा भाम्बरी तथा अन्य सदस्य शामिल रहे।








