भोपाल, 21 अप्रैल।
राजधानी के नगर निगम प्रशासन की सुस्ती और अफसरों की बेरुखी से तंग आकर सत्ताधारी दल भाजपा के ही एक पार्षद को मंगलवार को सड़क पर तगारी उठानी पड़ गई। वार्ड क्रमांक 48 के पार्षद अरविंद वर्मा ने निगम के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के विरोध में स्वयं सफाई का मोर्चा संभाला। अजय नगर क्षेत्र में फैले कचरे के ढेर को जब निगम के अमले ने बार-बार कहने पर भी नहीं हटाया, तो पार्षद ने खुद ही तगारी उठाई और कचरा साफ कर व्यवस्था को आईना दिखाया।
पार्षद वर्मा के मुताबिक, शाहपुरा के अजय नगर में सोमवार रात्रि संपन्न हुए एक मांगलिक कार्यक्रम के बाद सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा था। उन्होंने सुबह से ही क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी भावना पटेरिया और सफाई दरोगा शेख उवैस को इस संबंध में कई बार फोन किए, लेकिन जिम्मेदारों ने उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया। मंगलवार दोपहर तक जब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया, तब पार्षद का गुस्सा फूट पड़ा और वे खुद मैदान में उतर गए।
हैरानी की बात यह रही कि जब पार्षद स्वयं कचरा बटोरकर तगारी भर रहे थे, उसी दौरान नगर निगम का कचरा वाहन वहां पहुंचा। पार्षद ने स्वयं ही सारा कूड़ा उठाकर गाड़ी में डाला। इस पूरे वाकये ने भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्वच्छता के दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब एक जनप्रतिनिधि की बात अनसुनी की जा रही है, तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होता होगा।









