छिंदवाड़ा, 21 अप्रैल
मध्य प्रदेश में प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में छिंदवाड़ा जिले में शासकीय पीजी कॉलेज परिसर में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के दूसरे दल के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से प्रारंभ किया गया। पहले दिन प्रशिक्षण सत्र में 15 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर जनगणना अधिकारी कमलेश निर्गुंडकर के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी तथा फील्ड ट्रेनर्स की टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर जाकर मकान सूची तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही भवन, परिवार और जनगणना मकान की परिभाषाओं के साथ-साथ जनगणना अधिनियम एवं उससे जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र में फील्ड ट्रेनर्स के रूप में पुरुषोत्तम शेंडे, पराग कटारे, संजय कुमार ठाकुर, अखलेश सूर्यवंशी, गीता बांदेवार, विध्या भूषण, गया प्रसाद बंजारा और इम्तिया खान मौजूद रहे। इसके अलावा नगर निगम के उपायुक्त आर.एस. बाथम, सहायक आयुक्त मीना कोरी, सहायक यंत्री विवेक चौहान, प्रीति दुबे और राजेंद्र सोनी सहित अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि जनगणना 2027 के पहले चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 1 मई से 30 मई 2026 के बीच मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत भौतिक सर्वेक्षण शुरू होने से पहले 15 दिन की ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध कराई गई है।
नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। पंजीकरण पूर्ण होने पर उन्हें एक विशेष पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जो आगे की प्रक्रिया में सहायक साबित होगी।








