वॉशिंगटन, 21 अप्रैल
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि ईरान के साथ समझौता पूरा नहीं होता है तो गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं और स्थिति में बड़े विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ घोषित युद्धविराम बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगा और इसे आगे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है, यदि ईरान उनकी शर्तें स्वीकार नहीं करता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, ईरान पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की वार्ता के लिए तैयार बताया जा रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारी संभावित बातचीत के लिए मंगलवार को पाकिस्तान जाने वाले हैं, जहां इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि 7 अप्रैल को घोषित युद्धविराम बुधवार शाम अमेरिकी समयानुसार समाप्त हो जाएगा और वह किसी कमजोर या असंतोषजनक समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं करेंगे। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के लिए पर्याप्त समय मौजूद है, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
एक साक्षात्कार में उन्होंने यह बयान भी दिया कि यदि ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त होता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है और कई विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरानी वार्ताकार इस्लामाबाद में होने वाली नई बातचीत में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा कि यह निश्चित नहीं है, हालांकि उन्हें वहां होना चाहिए, और यदि वे नहीं आते तो भी कोई समस्या नहीं है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक शांति समझौता पूरा नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। उनके अनुसार ईरान इस मार्ग को खोलने का आग्रह कर रहा है, लेकिन जब तक समझौता नहीं होता, इसे नहीं खोला जाएगा।
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि सोमवार सुबह तक अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे और वहां से आ रहे 27 जहाजों को वापस मोड़ दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।










