काठमांडू, 21 अप्रैल
नेपाल में प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब किसी भी मंत्रालय को अपने नीतिगत निर्णय या सूचना को सार्वजनिक करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के कार्यालय की ओर से जारी इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत हैं और उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ऐसे में कोई भी निर्णय सार्वजनिक करने से पहले इन विशेषज्ञों की अनुमति लेना जरूरी होगा।
प्रधानमंत्री की प्रेस सलाहकार दीपा दहाल ने बताया कि अब से किसी भी मंत्रालय को प्रेस विज्ञप्ति या अन्य सूचना जारी करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमोदन प्राप्त करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी टीम में राजनीतिक सलाहकारों के साथ संचार और जनसंपर्क विशेषज्ञों को शामिल किया है, जिन्हें मंत्रालयों के कार्यों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
नई व्यवस्था को लेकर कुछ अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति भी देखी जा रही है। एक अधिकारी ने इसे नई प्रक्रिया बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में केवल प्रधानमंत्री कार्यालय से स्वीकृत जानकारी ही सार्वजनिक होना किस प्रकार का संदेश देगा, इस पर विचार किया जाना चाहिए।
इससे पहले प्रधानमंत्री शाह ने 31 मार्च को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन अपने कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रालयों, विभागों और आयोगों को पत्र भेजकर दिनभर की गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
निर्देशों के पालन के लिए मंत्रालयों ने सहसचिव स्तर के अधिकारियों को फोकल पर्सन के रूप में नियुक्त किया है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।










