नई दिल्ली, 22 अप्रैल।
अलीगढ़ स्थित शेखा झील पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि यानी रामसर स्थल का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसके साथ यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय उपलब्धि दर्ज हुई है। इस घोषणा के बाद देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 99 हो गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 12वां रामसर स्थल बन गया है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने कहा कि इससे वैश्विक जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों में वृद्धि, जल संरक्षण के प्रयासों को बल और जलवायु सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि शेखा झील मध्य एशियाई फ्लायवे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां सर्दियों के दौरान बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रजातियों की बत्तखें बड़ी संख्या में प्रवास करती हैं। यह झील इन पक्षियों को सुरक्षित एवं अनुकूल आवास उपलब्ध कराती है।
इसके साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि भारत में पारिस्थितिक तंत्र के पुनर्स्थापन का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। आर्द्रभूमियों और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को इस उपलब्धि से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और मान्यता मिली है। इस दर्जे से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।











