आगरमालवा, 22 अप्रैल
जल संरक्षण को लेकर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मोहन नागर ने बुधवार को आगरमालवा जिले के ग्राम आवर स्थित आऊ नदी उद्गम स्थल पर आयोजित जल संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी, पेड़ और पानी का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि जल ही जीवन का आधार है। इसके बिना भविष्य का सुरक्षित रहना संभव नहीं है।
इससे पहले, मोहन नागर ने आऊ नदी उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना की और श्रमदान करते हुए नदी की सफाई की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का महत्व बताते हुए कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल का सीमित उपयोग, पौधारोपण और पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई जैसे छोटे-छोटे प्रयासों की महत्ता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने जनभागीदारी से नदियों के उद्गम स्थल और पुरानी कुओं, बावड़ियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।








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