भोपाल, 22 अप्रैल
महिला कांग्रेस ने बुधवार को भोपाल में महिला आरक्षण से संबंधित केंद्र सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे “छलावा” करार देते हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस प्रदर्शन में सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और रास्ते में पुलिस से संघर्ष हुआ, जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष, रीना बौरासी सेतिया को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन में 100 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी दहन किया। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को केवल “लॉलीपॉप” देकर भ्रमित कर रही है, लेकिन उन्हें असली राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल रही है।
पैदल मार्च के दौरान पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच कई बार झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। महिला कांग्रेस की संयुक्त प्रदेश सचिव, सेजल पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक योजनाओं के तहत “लॉलीपॉप” दे रही है, जबकि वास्तविक अधिकारों से उन्हें वंचित रखा जा रहा है।
महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्तावित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गई है, जिसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की योजना है। इसके साथ ही परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
महिला कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं, बल्कि इसके क्रियान्वयन और प्रस्ताव की प्रक्रिया के खिलाफ है।







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