लखनऊ, 22 अप्रैल।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की माता पर लखनऊ की महापौर एवं भाजपा नेता सुषमा खर्कवाल द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस बयान के विरोध में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है और लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को एक सपा नेता और कार्यकर्ता महापौर के आवास तक पहुंचकर विरोध जताने लगे।
विरोध के दौरान मेरठ निवासी सपा नेता गौरव चौधरी ने कैसरबाग स्थित महापौर के सरकारी आवास पर पहुंचकर नारेबाजी की और उनसे अपने बयान पर सार्वजनिक माफी की मांग की। मौके पर माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सपा प्रदेश सचिव विजय सिंह यादव ने भी महापौर सुषमा खर्कवाल के बयान को अनुचित बताते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की माता एक सम्मानित और समाजसेवी व्यक्तित्व रही हैं, ऐसे में उनके प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी निंदनीय है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। समाजवादी पार्टी ने इस बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर चर्चा के बीच महापौर ने सपा और कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव की माता को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस पर अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से किसी की माता पर राजनीति के लिए टिप्पणी न करने की नसीहत दी थी।











