लखनऊ, 22 अप्रैल।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जनता को भ्रमित कर वोट लेने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में गांवों में केवल पांच घंटे बिजली आपूर्ति होती थी, जबकि शहरों में करीब दस घंटे ही बिजली मिल पाती थी। राजभर के अनुसार उस समय केवल रामपुर, इटावा और मैनपुरी को ही चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध रहती थी।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज अखिलेश यादव द्वारा तीन सौ यूनिट मुफ्त बिजली देने का दावा किया जा रहा है, जबकि उन्हें अपने पुराने कार्यकाल को याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के समय में ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं आम थीं और ग्रामीणों को चंदा इकट्ठा कर ट्रांसफार्मर बदलवाना पड़ता था।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में चौबीस घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं और उपभोक्ताओं से कोई खर्च नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि आज गांवों में लगभग अठारह घंटे बिजली मिल रही है, तहसीलों में बीस घंटे और जिला मुख्यालयों पर चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
राजभर ने कहा कि विपक्ष द्वारा किए जा रहे दावे केवल जनता को भ्रमित करने और वोट हासिल करने की रणनीति हैं, जो वास्तविकता से दूर हैं।
इसके साथ ही उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के अनुसार वर्ष 2029 तक महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें देश की मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया, जिससे यह पास नहीं हो सका।
उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में लोकसभा की 543 सीटें तय की गई थीं, तब जनसंख्या लगभग 68 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो चुकी है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों में वृद्धि की प्रक्रिया पर विपक्ष ने आपत्ति जताई।






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