वाराणसी, 22 अप्रैल।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान स्थित जैव रसायन विभाग के विद्यार्थियों के लिए अनुसंधान और छात्रवृत्ति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता और शोध प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत 60,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. निर्भय कुमार और डॉ. गीता पी. बंसल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते के अनुसार प्रथम चरण में वर्ष 2026 से 25 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके माध्यम से एमएससी जैव रसायन के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष 25 हजार रुपये की पांच छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। यह सहायता मेरिट और आर्थिक स्थिति के आधार पर प्रदान की जाएगी।
इसके बाद वर्ष 2027 में दूसरी किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जारी किए जाएंगे, जिनका उपयोग स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों को छात्रवृत्ति एवं अनुसंधान प्रोत्साहन अनुदान देने में किया जाएगा। यह अनुदान उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों के आधार पर तय होगा, जिससे विभाग में अनुसंधान की गुणवत्ता और अधिक मजबूत होगी।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने पूर्व छात्रों और सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि विभागों को नियमित संवाद व्यवस्था विकसित करनी चाहिए तथा वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इस सहयोग से विद्यार्थियों और शैक्षणिक उत्कृष्टता को क्या लाभ मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लाभार्थियों के अनुभव साझा किए जाने से ऐसी योजनाओं का प्रभाव और व्यापक रूप से सामने आता है तथा अन्य लोग भी इससे प्रेरित होते हैं।
वैज्ञानिक डॉ. निर्भय कुमार ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शोध की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने मलेरिया उन्मूलन के लिए वैक्सीन विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में वरिष्ठ शैक्षणिक पदों पर कार्य कर चुके हैं।
डॉ. गीता पी. बंसल ने जैव-चिकित्सीय अनुसंधान, उद्योग, बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपने व्यापक अनुभव के साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शीर्ष भूमिकाएं निभाई हैं।
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार ने इस पहल के लिए दोनों सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. आर. के. सिंह ने विभाग की शोध एवं प्रकाशन उपलब्धियों की जानकारी साझा की। वहीं, बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन से जुड़े डॉ. अरविंद जैन ने विश्वविद्यालय से अपने पारिवारिक संबंधों और लंबे जुड़ाव का उल्लेख किया।






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