22 अप्रैल
नेपाल के विदेशमंत्री शिशिर खनाल पर नेपाली नागरिक अमृत झा की रिहाई को लेकर भ्रामक जानकारी देने के आरोप सामने आए हैं। मंत्री द्वारा सात दिन पहले किए गए दावे के बावजूद अमृत झा अभी भी ईरान की जेल में बंद बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।
विदेशमंत्री खनाल ने 15 अप्रैल को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि अमृत झा को ईरान की हिरासत से रिहा कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान में स्थित मानद महावाणिज्य दूतावास और कतर स्थित दूतावास उनके संपर्क में हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर लाने के प्रयास जारी हैं। खनाल ने यह भी दावा किया था कि स्थानीय अदालत ने रिहाई का आदेश दे दिया है और इसी आधार पर झा को रिहा कर केश्म द्वीप पर सुरक्षित रखा गया है।
हालांकि, इस दावे के विपरीत अमृत झा के परिवार ने अलग ही स्थिति सामने रखी है। उनके बहनोई राजेश झा के अनुसार, अमृत ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे फोन कर बताया कि वह अब भी जेल में ही हैं। उन्होंने बताया कि अमृत इस समय ईरान के बंदर अब्बास जेल में रखे गए हैं।
परिवार के अनुसार, इस जेल को लेकर पहले भी मानवाधिकार संगठनों द्वारा चिंता जताई जाती रही है और यहां विदेशी नागरिकों समेत गंभीर मामलों के आरोपियों को रखा जाता है। अमृत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उन्हें अदालत से एक पत्र तो मिला है, लेकिन मामले की जांच जारी होने के कारण अभी तक रिहाई नहीं हो पाई है।
राजेश झा ने बताया कि जब विदेशमंत्री ने रिहाई की सूचना दी थी तो परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन बाद में अमृत के फोन से सच्चाई सामने आने पर सभी हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि पहले अमृत फोन पर सामान्य बातचीत करते थे, लेकिन हाल की बातचीत में वह काफी निराश दिखाई दिए, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।








