वाशिंगटन/तेहरान, 23 अप्रैल।
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी के बीच एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार रात को दो और जहाजों को वापस लौटने का आदेश दिया। इस नाकाबंदी के तहत अब तक कुल 31 जहाजों को लौटने का निर्देश दिया जा चुका है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष विराम बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आया। ईरान ने ट्रंप की बातों पर विश्वास न करने का ऐलान किया है और अब पाकिस्तान उसे मनाने का प्रयास कर रहा है।
13 अप्रैल से लागू अमेरिकी नाकाबंदी में 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, 17 युद्धपोत और 100 से अधिक विमान शामिल हैं। अधिकांश अमेरिकी जहाज इस समय ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास खड़े हैं। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नाकाबंदी के कारण शांति वार्ता में बाधा आई है और इसे वाशिंगटन की गलत नीतियों का परिणाम माना जा रहा है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो विदेशी जहाजों को अपने कब्जे में लेने का दावा किया है और तीसरे जहाज पर गोलीबारी की भी बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का कहना है कि उनका देश शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन घेराबंदी और धमकियां सच्ची बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट हैं।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष विराम की समाप्ति को लेकर कोई समय सीमा नहीं तय की है। यह राष्ट्रपति का फैसला होगा कि कब संघर्ष विराम समाप्त होगा। उधर, इजराइल द्वारा लेबनान की महिला पत्रकार अमल खलील की हत्या की निंदा की गई है। यह घटना दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौते के बीच हुई है।



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