वाशिंगटन, 23 अप्रैल
अमेरिका, इजराइल और लेबनान के बीच सीधी वार्ता का दूसरा दौर आयोजित करने जा रहा है, जो वाशिंगटन में विदेश विभाग में शुरू होगा। यह वार्ता 10 दिन के संघर्ष विराम के बाद हो रही है, जो 26 अप्रैल को समाप्त होगा। ट्रंप प्रशासन द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा के बाद यह बातचीत हो रही है, जिसे 16 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने किया था।
इस वार्ता में इजराइल और लेबनान के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सीएनएन के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधि अब 10 दिवसीय संघर्ष विराम को बढ़ाने के लिए इस बैठक में शामिल होंगे। एक ओर जहां लेबनान में ईरान समर्थक आतंकी समूह हिजबुल्लाह इस वार्ता का विरोध कर रहे हैं, वहीं इजराइल अपनी आत्मरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर फवाज़ गर्गेस ने कहा कि केवल ट्रंप ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर प्रभाव डाल सकते हैं, क्योंकि इजराइल अन्य किसी का दबाव स्वीकार नहीं करता। उन्होंने बताया कि पहले दौर में हुए समझौते में इजराइल को आत्मरक्षा में कदम उठाने की इजाजत दी गई थी, जबकि लेबनान से हिजबुल्लाह पर कड़ी निगरानी रखने की उम्मीद की गई थी।
इस वार्ता का उद्देश्य दक्षिण लेबनान में जमीनी स्थिति और हिजबुल्लाह-इजराइल के बीच तनाव को कम करना है। वाशिंगटन में होने वाली इस बैठक में लेबनान की राजदूत नादा हमदेह और उनके इजराइली समकक्ष येचिएल लीटर के अलावा अमेरिकी अधिकारी भी शामिल होंगे।









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