तेहरान, 23 अप्रैल।
ईरान ने शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत होने का प्रदर्शन किया है। सरकारी प्रसारण में ऐसे दृश्य दिखाए गए, जिनमें हथियारबंद कमांडो तेज नाव से एक बड़े मालवाहक जहाज के पास पहुंचकर उस पर चढ़ते नजर आए। अधिकारियों ने दावा किया कि इन जहाजों को बिना अनुमति जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश में पकड़ा गया।
बताया गया कि जिन जहाजों को रोका गया, उनमें एक बड़ा कंटेनर पोत और एक अन्य मालवाहक शामिल है। इन घटनाओं को ईरान ने अपनी समुद्री निगरानी क्षमता का संकेत बताया है। वहीं, अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हिंद महासागर में एक अन्य तेल टैंकर पर चढ़ने की पुष्टि की है।
फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रणनीतिक मार्ग पर अपनी सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने से पहले वार्ता भी विफल हो गई, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। इस बीच, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत बहाल करने के प्रयास जारी हैं, हालांकि ईरान ने साफ किया है कि वह तब तक किसी वार्ता में शामिल नहीं होगा, जब तक उस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए नहीं जाते।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए नौसेना को निर्देश दिए हैं कि यदि ईरानी नौकाएं मार्ग में बाधा डालती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, ईरान के न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि जिन जहाजों पर कार्रवाई की गई, उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया था।
तेहरान में रह रहे लोगों ने मौजूदा हालात को बेहद अस्थिर बताया है। उनका कहना है कि स्थिति ऐसी है, जिसमें न पूरी तरह शांति है और न ही खुला युद्ध, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस बीच, वैश्विक बाजारों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।










