काठमांडू, 25 अप्रैल।
नेपाल में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के पांच सांसद सिंधुली जिला प्रशासन कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं और वे पिछले बारह घंटे से न्याय की मांग को लेकर वहीं डटे हुए हैं।
इन सांसदों में खगेन्द्र सुनार सहित रीमा विश्वकर्मा, सुष्मा स्वर्णकार, खिमा विश्वकर्मा और आशीष गजुरेल शामिल हैं, जो शुक्रवार शाम से 22 वर्षीय श्रीकृष्ण बीके की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं।
श्रीकृष्ण बीके की मौत पुलिस हिरासत में होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और इसी मुद्दे को लेकर सांसदों के साथ कुछ बुद्धिजीवी और स्थानीय लोग भी धरने में शामिल हैं।
धरना स्थल पर मौजूद सांसदों का कहना है कि वे लगातार बारह घंटे से जिला प्रशासन कार्यालय के गेट पर बैठे हुए हैं और पूरी रात वहीं डटे रहे।
मृतक श्रीकृष्ण बीके सिंधुली के सुनकोशी ग्रामीण नगरपालिका-3, जुम्ले डाँडा के निवासी थे और उनके परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ना कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
बीके ने 11 अप्रैल को खोटांग की एक 17 वर्षीय लड़की से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद वह अपने छोटे भाई के साथ ललितपुर में रह रहे थे, बाद में वे सिंधुली लौट आए थे।
16 अप्रैल को ललितपुर पुलिस ने उन्हें लड़की के परिवार से बातचीत के नाम पर बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और अगले दिन सिंधुली भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि लड़की की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद उन्हें आगे की जांच के लिए सिंधुली भेजा गया क्योंकि कथित घटना वहीं हुई थी।
20 अप्रैल को बीके खुरकोट क्षेत्र पुलिस कार्यालय की हिरासत में मृत पाए गए, जहां उन्हें बेहोशी की हालत में देखा गया और उनके गले में शर्ट बंधी हुई थी, बाद में अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
परिजनों का कहना है कि पुलिस पिटाई के कारण उनकी मौत हुई है और इसी आरोप को लेकर वे पिछले चार दिनों से जिला पुलिस कार्यालय और अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
परिवार ने शव लेने से इनकार कर निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद जांच समिति गठित की गई है और प्रशासन ने जांच जारी होने की बात कही है।









