कच्छ, 25 अप्रैल।
गुजरात के कच्छ जिले में जखौ समुद्री तट पर वर्ष 2021 में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी मामले में भुज स्थित विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए छह पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी करार दिया है और उन्हें कठोर सजा दी है।
न्यायालय ने उन सभी दोषियों को 20 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है, जिन्होंने भारतीय समुद्री सीमा के माध्यम से लगभग 380 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन देश में पहुंचाने की साजिश रची थी, साथ ही प्रत्येक पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह पूरा मामला दिसंबर 2021 का है, जब गुजरात एटीएस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि कराची बंदरगाह से “अल हुसैनी” नामक नाव भारी मात्रा में हेरोइन लेकर भारतीय जलक्षेत्र की ओर बढ़ रही है।
सूचना मिलते ही एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त अभियान चलाया और 20 दिसंबर 2021 की सुबह जखौ के पास समुद्र में संदिग्ध नाव को घेरकर कब्जे में लिया, जिसमें सवार सभी छह व्यक्ति पाकिस्तानी नागरिक पाए गए और भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ।
इस मामले में अगले ही दिन एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान नाव का मार्ग, जीपीएस डेटा, अंतरराष्ट्रीय संपर्क, मोबाइल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित कई तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन जांच की गई।
जांच एजेंसियों ने अदालत में 203 दस्तावेज और 13 गवाह प्रस्तुत किए, जिनमें तटरक्षक बल के अधिकारी, एटीएस कर्मी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे, जिसके आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी पाया।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि देश की युवा पीढ़ी और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए दोषियों को सख्त सजा दी जाती है।
चार वर्ष बाद आए इस निर्णय के साथ यह स्पष्ट संदेश गया है कि देश की समुद्री सीमाओं से मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां और कानून पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए हैं।










