तेहरान, 25 अप्रैल।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता की कोई योजना नहीं है, जिससे कूटनीतिक हलकों में चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
ईरानी विदेश मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जहां उनकी मुलाकातें मुख्य रूप से द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित रहने की बात कही गई है।
ईरान ने यह भी दोहराया है कि इस दौरे का किसी भी प्रकार की परमाणु वार्ता से कोई संबंध नहीं है और सभी चर्चाएं केवल द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित रहेंगी।
इस बीच, अमेरिकी पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि उसके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और व्हाइट हाउस सलाहकार जेरेड कुशनर शनिवार को ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने स्पष्ट किया है कि विदेश मंत्री अराघची की यह यात्रा केवल पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के लिए है और उन्हें किसी भी परमाणु वार्ता संबंधी कार्य की जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी कहा कि विदेशी पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान की प्राथमिक सीमाओं में परमाणु वार्ता शामिल नहीं है और इस यात्रा का उद्देश्य केवल पारस्परिक संबंधों को मजबूत करना है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की पुष्टि की है, जिसमें ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई भी शामिल हैं।
वहीं अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान द्वारा संपर्क किए जाने के बाद उसके प्रतिनिधि बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे, और यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने आमने-सामने की चर्चा का अनुरोध किया है।










