नई दिल्ली, 25 मई।
भारतीय एथलेटिक्स जगत के लिए एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। पंजाब के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित कर देश के सबसे तेज धावक होने का गौरव हासिल किया है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन और रिकॉर्ड
गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप में अपनी गति का लोहा मनवाया। उन्होंने 10.09 सेकंड का समय निकालकर यह उपलब्धि अपने नाम की। हालांकि वे अभी वैश्विक स्तर पर 10 सेकंड के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाए हैं, लेकिन उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय स्प्रिंटर्स के लिए दशकों से चले आ रहे मनोवैज्ञानिक अवरोध को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स की राह आसान
इस रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ, 25 वर्षीय गुरिंदरवीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 10.16 सेकंड के कठिन क्वालिफिकेशन मार्क को बेहद आसानी से पार कर लिया है। यह सफलता उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
संघर्ष और कठिन प्रशिक्षण की कहानी
गुरिंदरवीर सिंह का यह सफर केवल गति का नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति का भी है:
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प्रशिक्षण: वे रिलायंस फाउंडेशन हाई-परफॉरमेंस सेंटर में कोच जेम्स हिलियर के कड़े मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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चुनौतियां: उन्होंने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और पेट के अल्सर जैसी शारीरिक चुनौतियों से उबरकर अपनी फिटनेस को विश्व-स्तरीय बनाया है।
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दृढ़ संकल्प: तमाम स्वास्थ्य बाधाओं के बावजूद, उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया और अंततः भारत के सबसे तेज धावक बने।






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