नई दिल्ली, 06 अप्रैल।
भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर खाद्य, ईंधन और समुद्री आपूर्ति तैयारियों की समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि आम लोगों, उद्योगों और सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।
समीक्षा में केंद्र सरकार ने खाद्य भंडार, पेट्रोलियम उत्पादों और रणनीतिक तेल भंडार की स्थिति का मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में उत्पन्न अस्थिरता के बावजूद आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं।
ईंधन आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बंदरगाहों और पाइपलाइन नेटवर्क की तैयारियों को भी देखा गया। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से आपूर्ति में तेजी लाई जा सके।
खाद्य सुरक्षा को लेकर केंद्रीय आपूर्ति और व्यापार मंत्रालय ने राज्य सरकारों से स्टॉक और वितरण का निरंतर आंकलन करने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त खाद्य सामग्री के भंडारण और वितरण की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में नागरिकों को परेशानी न हो।
सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र में तैयारियों के अंतर्गत भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को भी सतर्क रखा गया है। उनके पास आवश्यक संसाधन और वाहनों का प्रबंध किया गया है ताकि किसी भी संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने यह भी बताया कि तेल और ईंधन की कीमतों तथा परिवहन लागत पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार नियामक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने जनता से भरोसा दिलाया कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय तनावों के बावजूद भारत की खाद्य, ईंधन और समुद्री आपूर्ति पर्याप्त स्तर पर सुरक्षित और प्रबंधित है।




.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

