नई दिल्ली, 06 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से व्यापार और एमएसएमई क्षेत्र के लिए राहत उपायों की मांग की है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस संकट से छोटे व्यापारी और एमएसएमई प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि ऋण, लॉजिस्टिक्स और कच्चे माल की आपूर्ति में बाधाओं को दूर करने के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स बनाया जाए और समय पर राहत उपाय सुनिश्चित किए जाएं। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि स्रोतों का विविधीकरण, लॉजिस्टिक्स मजबूत करना और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी व्यापार में विश्वास बनाए रखने में मदद करती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि निर्यातकों को फ्रेट और बीमा लागत में वृद्धि, शिपमेंट में देरी, रूट परिवर्तन और भुगतान अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ेगा। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत में बढ़ती लागत, कार्यशील पूंजी पर दबाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, मुनाफे में गिरावट और कर्ज के बोझ को लेकर चिंता जताई, खासकर एमएसएमई क्षेत्र में।
दोनों नेताओं ने सरकार से आग्रह किया कि एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को ऋण चुकौती में राहत, प्रभावित उद्योगों के लिए ब्याज सब्सिडी, ईंधन और कच्चे माल की कीमतों की निगरानी और निर्यातकों के लिए फ्रेट, बीमा सहायता तथा शीघ्र रिफंड की सुविधा दी जाए, ताकि व्यापार प्रभावित न हो।


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