नई दिल्ली, 06 अप्रैल।
इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) क्षेत्र की कंपनी सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज ने 48 करोड़ रुपये के आईपीओ को आज सब्सक्रिप्शन के लिए खोला। निवेशक अप्रैल के अंत तक इस इश्यू में हिस्सेदारी ले सकते हैं। शेयरों का अलॉटमेंट 9 अप्रैल को होगा और 10 अप्रैल को डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
आईपीओ में शेयर की कीमत 75 से 80 रुपये प्रति शेयर निर्धारित की गई है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। रिटेल निवेशकों को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए 2,56,000 रुपये निवेश करने होंगे। इस इश्यू के तहत कुल 60 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 48.88 प्रतिशत शेयर रिजर्व हैं, रिटेल निवेशकों के लिए 35.96 प्रतिशत और नॉन-इंस्टिट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.17 प्रतिशत। इस आईपीओ के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑपशंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर और मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड मार्केट मेकर है।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की सेहत लगातार मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में 43 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो 2023-24 में 4.01 करोड़ और 2024-25 में 8.99 करोड़ रुपये तक बढ़ा। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी तक 8.52 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।
राजस्व में भी उतार-चढ़ाव के साथ वृद्धि देखी गई। 2022-23 में 49.26 करोड़ रुपये का राजस्व था, जो 2023-24 में घटकर 45.70 करोड़ और 2024-25 में 103.50 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 68.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। 2022-23 में 18.52 करोड़ रुपये था, 2023-24 में 29.79 करोड़ और 2024-25 में 33.84 करोड़ रुपये। 31 जनवरी तक मौजूदा वित्त वर्ष में 39.18 करोड़ रुपये का कर्ज रहा।
नेटवर्थ में वृद्धि हुई, 2022-23 में 12.47 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 17.48 करोड़ और 2024-25 में 42.17 करोड़। 31 जनवरी तक मौजूदा वित्त वर्ष में 54.47 करोड़ तक पहुंच गया।
रिजर्व और सरप्लस भी बढ़े। 2022-23 में 2.97 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 6.98 करोड़ और 2024-25 में 28.87 करोड़ रुपये। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी तक ये 40.64 करोड़ तक पहुंच गया।
ईबीआईटीडीए 2022-23 में 2.63 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 8.27 करोड़ और 2024-25 में 17.27 करोड़ तक पहुंचा। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी तक 16.21 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।


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