नई दिल्ली, 01 अप्रैल।
इंडस्ट्रियल मशीनरी के घटक निर्माण में सक्रिय टिप्को इंजीनियरिंग इंडिया के शेयरों ने आज शेयर बाजार में उत्साहजनक शुरुआत नहीं की और आईपीओ निवेशकों को निराश किया। कंपनी ने आईपीओ के तहत 89 रुपये प्रति शेयर के भाव से शेयर जारी किए थे, लेकिन बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग केवल 0.28 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 89.25 रुपये पर हुई। लिस्टिंग के तुरंत बाद बिकवाली का दबाव बनते ही शेयर 84.81 रुपये तक लुढ़क गए। हालांकि, बाद में खरीदारों की सक्रियता से शेयर में सुधार आया और दोपहर 11:45 बजे यह 88.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस तरह, अभी तक के कारोबार में आईपीओ निवेशकों को 0.56 प्रतिशत का नुकसान झेलना पड़ा।
टिप्को इंजीनियरिंग इंडिया का आईपीओ 23 से 25 मार्च के बीच 60.55 करोड़ रुपये के लिए खुला था और औसतन निवेशकों की प्रतिक्रिया के चलते इसे 1.70 गुना ओवरऑल सब्सक्राइब किया गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.20 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए 2.12 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व पोर्शन केवल 0.66 गुना ही सब्सक्राइब हो सका। कुल 68,03,200 शेयर जारी किए गए, जिनमें से 44,27,200 नए शेयर और 13,55,200 शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचे गए। नए शेयरों से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने पुराने कर्ज घटाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
वित्तीय स्थिति की समीक्षा करें तो कंपनी ने लगातार मजबूती दिखाई है। वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध लाभ 2.56 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 8.45 करोड़ और 2024-25 में 15.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी ने 13.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
राजस्व में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 35.98 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 101.36 करोड़ और 2024-25 में 133.37 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर तक 86.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
कर्ज के बोझ में भी वृद्धि देखी गई। 2022-23 के अंत में कर्ज 8.42 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 25.68 करोड़ और 2024-25 में 37.23 करोड़ रुपये तक पहुंचा। अप्रैल से दिसंबर 2025 तक मौजूदा वित्त वर्ष में कर्ज 37.52 करोड़ रुपये था।
रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। 2022-23 में 2.56 करोड़ रुपये का रिजर्व था, जो 2023-24 में 12.50 करोड़ और 2024-25 में 33.21 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल से दिसंबर 2025 तक यह 31.09 करोड़ रुपये रहा।
ईबीआईटीडीए की स्थिति पर नजर डालें तो 2022-23 में यह 3.47 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 12.14 करोड़ और 2024-25 में 23.85 करोड़ रुपये तक पहुंचा। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर तक ईबीआईटीडीए 20.89 करोड़ रुपये रहा।












