नई दिल्ली, 01 अप्रैल।
देश में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है और मार्च माह में यह राजस्व 8.8 फीसदी बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया। पिछले साल मार्च में सकल जीएसटी संग्रह 1.83 लाख करोड़ रुपये था।
जीएसटी महानिदेशालय ने बुधवार को जारी आंकड़ों में बताया कि मार्च में यह बढ़ोतरी घरेलू बिक्री और आयात से कर संग्रह बढ़ने के कारण हुई। मार्च में सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 2,00,064 करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जो मार्च 2025 के 1,83,845 करोड़ रुपये की तुलना में 8.8 फीसदी अधिक है।
मार्च महीने में घरेलू राजस्व 5.9 फीसदी बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि आयात से प्राप्त राजस्व 17.8 फीसदी बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये रहा। इसी दौरान ‘रिफंड’ जारी करने की राशि 13.8 फीसदी बढ़कर 22,074 करोड़ रुपये हो गई। रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व संग्रह करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 8.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए कुल सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 8.3 फीसदी बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध राजस्व संग्रह 7.1 फीसदी बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपये रहा। आंकड़े बढ़ती आयात गतिविधियों और बेहतर कस्टम्स कलेक्शन की ओर इशारा करते हैं।












