नई दिल्ली, 24 अप्रैल
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पांच दिवसीय मलंगिया महोत्सव को भारतीय संस्कृति और कला परंपरा की सशक्त अभिव्यक्ति बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की विविध भाषाओं, विशेषकर मैथिली के प्रसार में अहम योगदान दे रहे हैं।
शुक्रवार को राजघाट स्थित गांधी दर्शन परिसर में आयोजित इस महोत्सव में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने की। 24 से 28 अप्रैल तक चलने वाला यह आयोजन साहित्य और संस्कृति का व्यापक मंच बनकर उभरा है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. महेंद्र मलंगिया द्वारा रचित 35 नाटकों का मंचन इस महोत्सव की प्रमुख विशेषता है, जो भारतीय रंगमंच और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त रूप में प्रस्तुत करता है। इस आयोजन में 22 भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग पांच हजार साहित्यकार और रंगकर्मी भागीदारी कर रहे हैं, जिससे यह एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका व्यापक स्वरूप इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की क्षमता रखता है और इसे विश्व रिकॉर्ड में शामिल किए जाने पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने डॉ. महेंद्र मलंगिया के योगदान को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि उनका कार्य भारतीय साहित्य और रंगकला की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का सतत प्रयास है। साथ ही उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं भी दीं।
महोत्सव के दौरान 35 नाटकों के मंचन के अतिरिक्त 30 विचार-गोष्ठियां, काव्य पाठ और विभिन्न परिचर्चाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें 65 से अधिक संस्थानों की सहभागिता देखी जा रही है, जिससे यह आयोजन प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है।











