बेंगलुरु, 24 मार्च।
कर्नाटक सरकार द्वारा वायनाड लोकसभा क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने के फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस पर विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया नेतृत्व वाली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुपूरक बजट के तहत भूस्खलन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वायनाड को यह अतिरिक्त अनुदान दिया है। उल्लेखनीय है कि वायनाड लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रियंका गांधी करती हैं।
आर. अशोक ने सवाल उठाया कि जब कर्नाटक की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, तब अन्य राज्य को आर्थिक सहायता देना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कचरा प्रबंधन, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, ठेकेदारों के बकाया भुगतान, सरकारी स्कूलों की मरम्मत और छात्रों को पाठ्यपुस्तक व यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए फंड की कमी बनी हुई है।
विपक्ष ने यह भी कहा कि अस्पतालों में दवाइयों की कमी, स्कैनिंग सेवाओं के बिलों का भुगतान में देरी और विधायकों को पर्याप्त निधि न मिलना जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “हाईकमान को खुश करने के लिए पड़ोसी राज्य को सहायता दी जा रही है,” और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस फैसले पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस कदम ने कर्नाटक की राजनीति में नई बहस और विवाद की स्थिति पैदा कर दी है।












