काठमांडू, 02 अप्रैल।
नेपाल की नवनिर्वाचित प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक शुरू होते ही तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने सदन में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।
बैठक की शुरुआत होते ही यूएमएल के सांसद खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और कार्यवाही को बाधित किया। अध्यक्ष अर्जुननरसिंह केसी ने सांसदों से अपनी सीट पर बैठकर सदन की कार्यवाही को जारी रखने का अनुरोध किया, लेकिन सांसदों ने इसे अनसुना किया। इस पर अध्यक्ष ने सांसद गुरु बराल को दो मिनट का समय देकर अपनी बात रखने का अवसर दिया।
गुरु बराल ने पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई को अवैध करार देते हुए कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस प्रशासन का काम है और इसमें प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि यह विधि के शासन के खिलाफ है।
सांसद बराल ने ओली की तत्काल रिहाई की मांग की और जेन जी आंदोलन के मामले में निष्पक्ष जांच की बात उठाई। संसदीय कार्यकाल की शुरुआत में ही उत्पन्न यह व्यवधान आने वाले समय में राजनीतिक दलों के बीच संभावित तनाव का संकेत देता है।












