औरैया, 03 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल विकासखंड में आयोजित जमुनापारी बकरी नस्ल सुधार मेले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मेले में शामिल बकरी पालक किसानों ने आरोप लगाया है कि पशु विभाग के कुछ कर्मचारियों और उनके एजेंटों ने रिश्वतखोरी के जरिए चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की।
किसानों का कहना है कि उनकी बकरियां चयनित होने के बावजूद मेले में नहीं भेजी गईं और इसके बदले उनसे मोटी रकम की मांग की गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि मेले में करीब आधा सैकड़ा से अधिक निम्न ग्रेड की बकरियां खरीदी गईं, जबकि योग्य और चयनित बकरी पालकों के अधिकारों की अवहेलना हुई।
किसानों के अनुसार संबंधित एजेंटों ने प्रत्येक बकरी के लिए 20 से 25 हजार रुपये की मांग की। जो किसान पैसे देने में असमर्थ थे या इनकार कर दिया, उनकी बकरियां मेले में शामिल नहीं की गईं। इस मामले को लेकर बकरी पालक किसान श्रीकृष्ण, ऊदल, जगपाल सिंह और जयवीर सिंह ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत संख्या 40016226007392 के माध्यम से उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। किसानों ने कहा कि यह न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्चाधिकारियों और शासन स्तर तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे। एक पीड़ित किसान ने कहा कि उनकी बकरियां चयनित होने के बावजूद पैसे की मांग के कारण मेले में नहीं भेजी गईं और इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन शिकायत कर न्याय की मांग की है।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे किसानों में आक्रोश और असंतोष बढ़ा है।











