चंडीगढ़, 03 अप्रैल 2026।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उप नेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आआपा ने राज्यसभा सचिवालय से राघव की जगह अशोक मित्तल को नियुक्त करने की सिफारिश की है। मित्तल जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। पंजाब में 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान राघव पार्टी के मुख्य चेहरा रहे हैं, लेकिन हाल के महीनों में वह पंजाब की राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं।
राघव चड्ढा ने आज सुबह एक वीडियो जारी कर अपनी खामोशी के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा, "मुझे खामोश किया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मैं हारा हूं। जब-जब मौका मिलता है मैं आम आदमी के मुद्दे उठाता हूं। संसद में ऐसे मामलों पर बोलता हूं जिन पर आम तौर पर चर्चा नहीं होती।"
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आम आदमी के मुद्दों पर बोलना अपराध है। राघव ने कहा कि आआपा ने राज्यसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि उनके बोलने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि किसी को उनके बोलने पर रोक क्यों लगानी चाहिए, जबकि वे देश के आम आदमी के हित में आवाज उठाते हैं। उन्होंने संसद में एयरपोर्ट पर महंगे खाने, टोल और बैंक लूट, मिडिल क्लास पर हो रही लूट और टेलीकॉम कंपनियों के बार-बार रिचार्ज करवाने के मुद्दे उठाए।
राघव ने कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा करने से आम आदमी को फायदा हुआ, लेकिन पार्टी को क्या नुकसान हुआ। उन्होंने समर्थकों से कहा कि मेरा हाथ थामे रहिए और मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना। मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।







