05 अप्रैल 2026, माले
मालदीव में हुए संवैधानिक जनमत संग्रह और मेयर चुनावों में सत्ताधारी दल को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के नेतृत्व वाली पीपल्स नेशनल कांग्रेस को इन चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जबकि विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई है।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं ने प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों को खारिज कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं ने जनमत संग्रह के खिलाफ मतदान किया। यह जनमत संग्रह देश के राजनीतिक ढांचे में बदलाव से जुड़ा था।
मेयर चुनावों में भी विपक्ष ने शानदार प्रदर्शन किया और सभी प्रमुख शहरों में जीत दर्ज की। राजधानी माले सहित पांचों शहरों में मेयर पद पर विपक्षी उम्मीदवारों की जीत ने सत्ताधारी दल की स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
स्थानीय निकाय स्तर पर भी मुकाबला कड़ा रहा। काउंसिल सीटों में सत्ताधारी दल ने 498 में से 220 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी पार्टी ने 207 सीटों पर कब्जा जमाया। हालांकि कुल आंकड़ों में अंतर सीमित रहा, लेकिन शहरी क्षेत्रों में विपक्ष की बढ़त को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन चुनावों को राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के नेतृत्व की एक अहम परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। संवैधानिक संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव एक साथ कराने और संसदीय कार्यकाल के लिए निश्चित तिथि तय करना था।
चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी समर्थकों ने राजधानी माले में जश्न मनाया। विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजे मालदीव की राजनीति में संतुलन बदलने का संकेत दे सकते हैं और आने वाले समय में सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।










