तेहरान, 03 अप्रैल 2026।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने अमेरिका और इजराइल से जुड़े कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में रडार सिस्टम, नौसैनिक संसाधन और हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है, हालांकि इन दावों की पुष्टि अमेरिकी पक्ष ने नहीं की है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि ईरानी नौसेना और एयरोस्पेस बल ने संयुक्त रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले किए। इन हमलों में फिलिस्तीनी क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर रडार सिस्टम और नौसैनिक उपकरणों को निशाना बनाया गया और उन्हें पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया गया।
जानकारी में यह भी कहा गया कि इस अभियान के पहले चरण में शुवाइख बंदरगाह पर तैनात अमेरिकी एम्फीबियस लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी जहाजों के समूह को बैलिस्टिक मिसाइलों से नष्ट किया गया। इसके अलावा बहरीन स्थित जबल अल दुखान रडार साइट पर मौजूद लंबी दूरी के हवाई रडार को ड्रोन हमले से तबाह करने की बात कही गई है।
ईरानी एयरोस्पेस बल ने शुक्रवार सुबह और गुरुवार रात के दौरान दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की जानकारी दी है। इन हमलों में दक्षिण-पूर्वी हाइफा में स्थित इजराइली एफ-16 स्क्वाड्रन के ठिकाने और रमत डेविड हवाई अड्डे को पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया गया है। साथ ही तेल अवीव और खोर्रमशहर को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले की शुरुआत की गई थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। इसके बाद से ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन के माध्यम से इजराइली सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है।









