गुवाहाटी, 04 अप्रैल।
असम में भाजपा की सरकार के अगले कार्यकाल में रोजगार सृजन को प्रमुख प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य मंत्री पीयूष हजारिका ने शनिवार को कहा कि आगामी पांच वर्षों में 2 लाख युवाओं को सरकारी और स्वरोजगार के माध्यम से नौकरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह जानकारी प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
मंत्री ने कहा कि नौकरी के क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता बरती जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले 1 लाख नौकरियों का वादा किया था और अब तक लगभग 1 लाख 65 हजार युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है। कांग्रेस के समय सरकारी भर्ती में व्यापक भ्रष्टाचार था, जो अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। पहले असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) की नियुक्तियाँ राजनीतिक प्रभाव और धन पर निर्भर होती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी।
पीयूष हजारिका ने बताया कि सरकार के अगले कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्वरोजगार पर भी जोर दिया और 'मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम' योजना के तहत युवाओं को लगभग 2 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। भविष्य में 10 लाख बेरोजगारों को उद्यम शुरू करने के लिए लगभग 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने ‘एडवांटेज असम’ योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत 5.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके अंतर्गत टाटा सेमिकंडक्टर परियोजना में 29 हजार दक्ष युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम हुआ है। पिछले पांच वर्षों में 57 लाख से अधिक छात्रों को मुफ्त किताबें और 10 लाख विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई। छात्राओं के लिए 'निजुत मोइन' और 'निजुत बाबू' योजना लागू की गई।
मंत्री ने बताया कि राज्य में 16 से अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और एम्स पूरी तरह कार्यक्षम हो चुका है। पहले मेडिकल की सीटें 650 थीं, जिन्हें अब 1800 तक बढ़ाया गया है। उन्होंने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए कई सुधारों का जिक्र करते हुए भविष्य के लिए योजनाओं का विस्तृत रोडमैप साझा किया।


.jpg)









