नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026।
चुनाव आयोग ने मतदान से पहले उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने के लिए ECINet पर “नो योर कैंडिडेट” (KYC) सुविधा लॉन्च की है। यह पहल आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में मतदाताओं को सूचित निर्णय लेने में मदद करेगी।
आयोग ने पहले ही 15 मार्च को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनावों तथा कई राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में उपचुनावों की तारीखों की घोषणा की थी।
चुनावों में 1,955 उम्मीदवार मैदान में
चुनाव आयोग के अनुसार असम, केरल, पुदुचेरी और उपचुनाव क्षेत्रों में कुल 1,955 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में हैं, जिनके लिए मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है। वहीं, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चरणबद्ध चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अप्रैल और पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के लिए 13 अप्रैल तय की गई है।
ECINet के माध्यम से जानें उम्मीदवार
मतदाता ECINet के KYC मॉड्यूल के जरिए उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति-ऋण, शैक्षणिक योग्यता और सत्यापित सोशल मीडिया खातों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर उम्मीदवार द्वारा भरे गए फॉर्म 26 की पूरी एफिडेविट डाउनलोड भी की जा सकती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म
ECINet को दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी सेवा प्लेटफॉर्म कहा गया है, जो चुनाव आयोग के 40 से अधिक एप्लिकेशन और पोर्टल्स को एक ही इंटरफेस में जोड़ता है। इसमें पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, आवेदन ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC) डाउनलोड करना, चुनाव अधिकारियों से संपर्क और बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) से अपॉइंटमेंट बुक करना भी संभव है। इसके अतिरिक्त cVIGIL के माध्यम से चुनाव आचार संहिता उल्लंघन रिपोर्ट करना और Saksham के जरिए दिव्यांगों के लिए सेवाओं की सुविधा उपलब्ध है।
सूचित मतदान के लिए जोर
चुनाव आयोग ने बताया कि KYC सुविधा मतदाताओं को प्रमाणित और व्यापक जानकारी प्रदान कर उन्हें सही निर्णय लेने में सक्षम बनाएगी। कई राज्यों में चुनावों के करीब आने के साथ, आयोग ने नागरिकों से डिजिटल प्लेटफॉर्म का सक्रिय उपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भागीदारी करने की अपील की है।











