मुरादाबाद, 26 मार्च।
मुरादाबाद की अपर जिला जज-पांच/स्पेशल न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) रेशमा की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुरादाबाद के मूंढापांडे ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक एडवोकेट समेत तीन आरोपियों को 8-8 साल की सजा सुनाई और प्रत्येक पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया। अदालत ने तीनों को बुधवार को मामले में दोषी करार दिया था।
मामला 12 जनवरी 2022 का है, जब मुरादाबाद महानगर के थाना सिविल लाइंस के रामगंगा विहार में स्पोर्ट्स सामान के कारोबारी कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दीन दयाल नगर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक एडवोकेट, पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव सरन शर्मा और भोजपुर के हुमायूंपुर निवासी खुशवंत उर्फ भीम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया कि ललित कौशिक ने सुपारी देकर आरोपित शूटर भीम और केशव से कुशांक गुप्ता की हत्या कराई थी।
पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित ललित कौशिक को बलरामपुर जेल और खुशवंत उर्फ भीम को मुरादाबाद जेल से कोर्ट में तलब किया गया। केशव, जो जमानत पर था, वह भी हाजिर हुआ। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
भट्ठा मजदूर अपहरण में दस साल की सजा:गैंगस्टर केस में दोषी ठहराए गए ललित कौशिक को भट्ठा मजदूर अपहरण के मामले में 23 फरवरी 2024 को एडीजे पांच ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने 10 साल कैद और ₹56,000 जुर्माने की सजा सुनाई थी। मूंढापांडे निवासी ओमप्रकाश ने 25 मार्च 2023 को ललित कौशिक के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अवैध मैगजीन मामले में सात साल की सजा:सिविल लाइंस थाने में इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने 26 मार्च 2023 को ललित कौशिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में आरोपी के घर से ₹8 लाख और अवैध मैगजीन बरामद हुई। इस मामले में अदालत ने ललित कौशिक को सात साल कैद और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई थी।












